मक्का के काबा में 300 किलो सोने का दरवाजा किसने बनवाया, इसकी चाबी किसके पास?

सऊदी अरब के मक्‍का में बना काबा इस्‍लाम का सबसे पवित्र धार्मिक स्‍थल है. हर मुस्लिम शख्‍स को नमाज पढ़ने के दौरान काबा की दिशा की तरफ रुख करना होता है. जीवन में एक बार हर मुस्लिम को अनिवार्यतौर पर हज करना होता है जिसमें काबा की परिक्रमा की जाती है. जानिए, इसका निर्माण किसने कराया और किसके पास है काबा की चाभी.

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अब जान लेते हैं कि काबा का निर्माण किसने बनवाया. इस्‍लामिक मान्‍यता के मुताबिक, सबसे पहले काबा को हजरत आदम ने बनवाया था. बाद में बेटे हजरत इ‍ब्राहिम और उनके बेटे इस्‍माइल ने पुनर्निर्माण कराया. इस्‍लामिक इतिहास कहता है, इसका निर्माण 5000 साल पहले हुआ था.

अब जान लेते हैं कि काबा का निर्माण किसने बनवाया. इस्‍लामिक मान्‍यता के मुताबिक, सबसे पहले काबा को हजरत आदम ने बनवाया था. बाद में बेटे हजरत इ‍ब्राहिम और उनके बेटे इस्‍माइल ने पुनर्निर्माण कराया. इस्‍लामिक इतिहास कहता है, इसका निर्माण 5000 साल पहले हुआ था.

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काबा की जिम्‍मेदारी सदियों से अल-शैबा परिवार देखता आया है. यह एक जनजाति है जो इसकी देखरेख करती थी. वर्तमान में काबा की चाबी शेख अब्‍दुल वहाब बिन ज़ैन अल-अबिदीन अल-शैबी के पास है. शुरुआती दौर में काबा पर कोई छत नहीं हुआ करती थी, लेकिन बाद में इसका पुनर्निर्माण हुआ और बदलाव हुआ.

काबा की जिम्‍मेदारी सदियों से अल-शैबा परिवार देखता आया है. यह एक जनजाति है जो इसकी देखरेख करती थी. वर्तमान में काबा की चाबी शेख अब्‍दुल वहाब बिन ज़ैन अल-अबिदीन अल-शैबी के पास है. शुरुआती दौर में काबा पर कोई छत नहीं हुआ करती थी, लेकिन बाद में इसका पुनर्निर्माण हुआ और बदलाव हुआ.

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मान्‍यता है कि पैगंबर मोहम्‍मद के दौर में ही इसी जनजाति के खानदान को चाबी मिली थीं. तब से चाबी इसी परिवार के पास हैं. काबा में पहुंचने का एक ही दरवाजा है, इसे बाब-ए-काबा कहते हैं. यह उत्‍तर-पूर्वी दीवार के पास बना है और काले पत्‍थर के पास में है जहां से तवाफ शुरू होता है.

मान्‍यता है कि पैगंबर मोहम्‍मद के दौर में ही इसी जनजाति के खानदान को चाबी मिली थीं. तब से चाबी इसी परिवार के पास हैं. काबा में पहुंचने का एक ही दरवाजा है, इसे बाब-ए-काबा कहते हैं. यह उत्‍तर-पूर्वी दीवार के पास बना है और काले पत्‍थर के पास में है जहां से तवाफ शुरू होता है.

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काबा को बैतुल्‍लाह यानी अल्‍लाह का घर भी कहा जाता है. जो एक घनाकर इमारत के आकार में है. इसके पास एक ऐसी जगह है जहां हजरत इब्राहिम ने खड़े होकर काबा का निर्माण कराया था, उस जगह पर उनके पैरों के निशान नजर आते हैं. जिसे कांच के ढांचे में सुरक्ष‍ित रखा गया है. मक्‍का में गैर-मुसलमानों के प्रवेश पर रोक है.

काबा को बैतुल्‍लाह यानी अल्‍लाह का घर भी कहा जाता है. जो एक घनाकर इमारत के आकार में है. इसके पास एक ऐसी जगह है जहां हजरत इब्राहिम ने खड़े होकर काबा का निर्माण कराया था, उस जगह पर उनके पैरों के निशान नजर आते हैं. जिसे कांच के ढांचे में सुरक्ष‍ित रखा गया है. मक्‍का में गैर-मुसलमानों के प्रवेश पर रोक है.

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काबा का दरवाजा 1942 से पहले किसने बनवाया था, इतिहास में इसकी अधिक जानकारी नहीं मिलती है.1942 में इसका निर्माण इब्राहिम बद्र ने इसका निर्माण कराया और इसे चांदी से बनवाया था, लेकिन 1979 में इब्राहिम बद्र के बेटे अहमद बिन इब्राहिम बद्र ने काबा के लिए दरवाजा बनाया और इसमें तीन सौ किलो सोने का इस्‍तेमाल किया गया  था.

काबा का दरवाजा 1942 से पहले किसने बनवाया था, इतिहास में इसकी अधिक जानकारी नहीं मिलती है.1942 में इसका निर्माण इब्राहिम बद्र ने इसका निर्माण कराया और इसे चांदी से बनवाया था, लेकिन 1979 में इब्राहिम बद्र के बेटे अहमद बिन इब्राहिम बद्र ने काबा के लिए दरवाजा बनाया और इसमें तीन सौ किलो सोने का इस्‍तेमाल किया गया था.

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